12 मई, रात 8 बजे देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया था. पीएम मोदी ने कहा-थकना, हारना, टूटना-बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है. सतर्क रहते हुए, इस जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए, अब हमें बचना भी है और आगे भी बढ़ना है.

बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुल 15 ऐलान किए, जिसमें से MSME सेक्टर के लिए 6 कदम उठाए हैं.रियल एस्टेट कंपनियों और आम करदाताओं तक को राहत दी गई . गुरुवार को किसानों और मजदूरों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की।

किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ 2.5 करोड़ नए किसानों को दिया, किसानों के लिए 30,000 करोड़ अतिरिक्त इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंड नाबार्ड को दिए जाएंगे 6 से 18 लाख सालाना कमाई है, उन्‍हें मिलने वाली हा​उसिंग लोन पर क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम की डेडलाइन मार्च 2021 तक बढ़ी. 50 लाख रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के लिए 10 हजार रुपये का विशेष लोन जिसमें सरकार 5 हजार करोड़ खर्च करेगी मुद्रा (शि‍शु) लोन चुकाने पर तीन महीने की छूट  2 फीसदी सबवेंशन स्कीम यानी ब्याज में छूट का फायदा अगले 12 महीने तक दिया जाएगा

प्रवासी मजदूरों के लिए सस्ते किराये के घर की योजना राशन कार्ड की नेशनल पोर्टेबिलिटी यानी वन नेशन वन राशन कार्ड लागू किया जाएगा. 2 महीने तक प्रवासी मजदूरों को अनाज की होगी फ्री सप्‍लाई. जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी 5 किलो गेहूं-चावल, एक किलो चना दिया जाएगा.घर की ओर वापस होने वाले प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार दिया जाएगा शहरी इलाकों में रहने वाले बेघर लोगों को शेल्टर होम में तीन वक्‍त का भोजन दिया जाएगा

ग्रामीण बैंकों को 29,500 करोड़ की मदद दी जाएगी जिससे किसानों ने 4.22 लाख करोड़ का लोन दिया जा सकेगा किसानों को लोन पर 3 महीने की छूट दी गई है

बिजली वितरण कंपनियों पर 94,000 करोड़ रुपये का बकाया है और उनको 90,000 करोड़ का बेल आउट दिया , गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों, एमएफआई को 30,000 करोड़ की नकदी सुविधा।

सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत आने वाले सभी नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पीएफ कंट्रीब्‍यूशन को क्रमश: 2-2 फीसदी कम कर दिया गया है. सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए सभी आयकर रिटर्न भरने की समयसीमा 31 जुलाई 2020 और 31 अक्टूबर 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दी है. टीडीएस की दर में भी 25 फीसदी की कटौती कर दी गई है।