गाज़ीपुर, हाथरस और फर्रुखाबाद के जिलाधिकारियों के उस आदेश को रद्द कर दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अजान को लेकर एक बड़ा फैसला दिया इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मस्जिदों में अजान पर रोक लगाने वाले जिलाधिकारियों के आदेश को किया रद्द कोर्ट ने कहा है कि अजान इस्लाम का अहम हिस्सा है, लेकिन लाउडस्पीकर अजान इस्लाम का हिस्सा नहीं है।

कोर्ट ने कहा है कि ध्वनि प्रदूषण मुक्त नींद का अधिकार जीवन के मूल अधिकारों का हिस्सा है। किसी को भी अपने मूल अधिकारों के लिए दूसरे के मूल अधिकारों का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाज़ीपुर, हाथरस और फर्रुखाबाद के जिलाधिकारियों के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके जरिए इन जिलों में मस्जिदों से अजान पर रोक लगी थी। कोर्ट ने कहा कि जब स्पीकर नही था तो भी अजान होती थी। इसलिए यह नही कह सकते कि स्पीकर से अजान रोकना अनुच्छेद 25के धार्मिक स्वतंत्रता के मूल अधिकारों का उल्लंघन है।  अदालत ने कहा कि इसलिए किसी भी परिस्थिति में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

कोरोना महामारी से निपटने के लिए देश व्यापी लॉकडाउन के कारण सभी प्रकार के आयोजनों एवं एक स्थान पर इकट्ठा होने पर प्रदेश में रोक लगाई है। लाउडस्पीकर बजाने पर भी रोक है।