1. जल,जंगल,जमीन,जानवर तथा आमजन की चिन्ता करनी चाहिए।

कायमगंज/फर्रूखाबाद
कभी भाजपा के थिंक टैंक रहे गोविन्दाचार्य ने कहा कि बिना गौ और गंगा के देश का विकास सम्भव नहीं है। वे अपनी अध्ययन प्रवास यात्रा के दौरान नगर के गायत्री शिवालाधाम में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
वे राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन संस्था के बैनर तले इस यात्रा पर निकले हैं। गोविन्दाचार्य ने अपनी यह यात्रा एक सितम्बर से देव प्रयाग से शुरू की वह दो अक्टूबर को गंगासागर जाकर अपनी यह यात्रा समाप्त करेंगे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बौद्धिक,रचनात्मक,आन्दोलनात्मक आयामों में काम करने का मेरा इरादा था। इसलिए मैंने तय किया था कि प्रचारक जीवन से मुक्त होंउगा,स्वयंसेवक तो जीवन पर्यन्त रहूंगा। उन्होंने भाजपा से बीस साल पहले अलग होकर अध्ययन अवकाश का फैसला लिया था। उन्होंने कहा कि समाज में आत्मविश्वास की कमी के साथ-साथ अयोग्यशीलता का आलम है। उन्होंने कहा कि जल,जंगल,जमीन,जानवर तथा आमजन की चिन्ता करनी चाहिए। स्वदेशी वस्तुओं की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाएं बिना राष्ट्र का विकास असम्भव है। मैंने बीस वर्ष में डाइमेंशन से पाया कि डिजिटिल टेक्नोलॉजी हावी होती चली जा रही है। जिससे मनुष्य के दिमाग का खाली होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। संस्था अध्यक्ष पवनश्रीवास्तव उनके साथ रहे। इस अवसर पर पूर्व चेयरपर्सन डा0 मिथलेश अग्रवाल,समाजसेवी सुरेन्द्र गुप्ता,पवन गुप्ता,भाजपा नगर अध्यक्ष चेतनतिवारी,पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र कठेरिया सहित आरएसएस के प्रचारक व कार्यकर्ता मौजूद रहे।