जहरीली शराब बेचने में लिप्त लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए ऐसे लोगों की सम्पत्ति जब्त की जाए. जब्त की गई सम्पत्ति की नीलामी करते हुए उससे प्राप्त धनराशि से पीड़ित परिवारों की मदद की जाए.”

 

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जहरीली शराब से मरने वालों का आंकड़ा 7 पहुंच गया है. चौंकाने वाली बात ये है कि जिस दुकान से यह जहरीली शराब खरीदी गई थी वो सरकारी लाइसेंस प्राप्त दुकान थी. इस मामले में सरकार ने जिला आबकारी अधिकारी और इलाके के थाने के सब इंस्पेक्टर और एक हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. सीएम योगी ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया है.

डीआईजी ने बताया कि दरोगा राजेश कुमार, बीट कांस्टेबल हरेराम गुप्ता, कांस्टेबल गौरव सैनी और कांस्टेबल जोगिंदर सिंह को निलंबित किया गया है। इन पर आरोप है कि आपराधिक प्रवृत्ति के ठेकेदार के बारे में जानकारी होने के बाद भी रिपोर्ट नहीं दी थी, जिसके कारण यह घटना हुई। लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई हुई है।

वहीं, फूलपुर थाने में फिलहाल के लिए इंस्पेक्टर राज किशोर को अतिरिक्त प्रभारी के तौर पर चार्ज दिया गया है। फूलपुर थाना प्रभारी रहे बृजेश सिंह को महिला अपराध के प्रकरण में लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया था। तब से फूलपुर थाने में कोई प्रभारी नहीं था।

दूसरी ओर पुलिस ने इस प्रकरण में कार्रवाई करते हुए देशी शराब की ठेकेदार संगीता देवी, उसके पति श्याम बाबू जायसवाल, कन्हैया जायसवाल, राजेश यादव, अजय यादव, सुरेंद्र और जगजीत को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में ठेकेदार के अलावा सेल्समैन और शराब पहुंचाने वाले दूसरे ठेकेदार शामिल है। इनके खिलाफ शुक्रवार रात को ही आबकारी विभाग की ओर से फूलपुर थाने में संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। स्थानीय पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच समेत कई टीमों का गठन किया गया था। सर्विलांस की मदद से शनिवार शाम तक सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।