शमसाबाद फर्रुखाबाद                                     सरकार के नए कृषि कानून को लेकर पिछले 18 दिनों से जारी किसानों के धरना प्रदर्शन की कार्रवाई को हवा देने के लिए सपाइयों द्वारा बैलगाड़ी के सहारे धरना प्रदर्शन उधर पुलिस के आने की खबर से पल भर में हुआ समाप्त। भागकर बचाया उधर कब्रिस्तान की जमीन जहा संदिग्ध परिस्थितियों में आगजनी की घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने अफसोस जताते हुए कहा आखिर कब्रिस्तान जमीन पर आगजनी की घटना का मूल उद्देश्य क्या था जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा नया कृषि कानून लागू किए जाने के बाद देश का किसान गुस्से में है किसानों का गुस्सा सातवें आसमान से गुजरता हुआ सड़कों तक आ पहुंचा जहां दिल्ली राजधानी तक पहुंचने के लिए जगह-जगह पड़ने वाले विभिन्न राज्यों के बॉर्डर पर किसानों द्वारा धरना प्रदर्शन का दौर जारी है जहा किसानों औऱ सरकार के बीच वार्ता का दौर जारी है लेकिन कहीं ना कहीं गलतफैमियो से सरकार किसानों के बीच बात नहीं बन पा रही है फिर भी प्रयास जारी है

उधर किसानों के धरना प्रदर्शन को विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों द्वारा हमदर्दी जता राजनैतिक स्तर पर हवा दी जा रही है जिससे हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं बताया गया है जगह जगह कुछ राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कारो बाइको तथा बैल गाड़ियों के सहारे जारी है जहां एक और प्रदर्शनकारी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों द्वारा आकाओं को जिंदाबाद का जामा पहना रहे हैं बही दूसरी ओर सरकार के विरुद्ध जमकर भड़ास निकाल रहे हैं इसी क्रम में विकासखंड शमशाबाद क्षेत्र के ग्राम अद्दुपुर जहां सपा नेताओं द्वारा लगभग 1 सैकड़ा से भी ज्यादा लोगों के साथ बाइकों कारो तथा बैल गाड़ियों के सहारे धरना प्रदर्शन कर मार्च निकाला गया रविवार की दोपहर समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव मनदीप यादव के नेतृत्व में सपाइयों ने बड़ी संख्या में किसानों के साथ कब्रिस्तान के पास किसानों के समर्थन में सरकार विरोधी नारेबाजी कर मार्च निकाला सपा नेताओं के नेतृत्व में किसानों का मार्च फैजबाग चौराहे तक होना था लेकिन मामले की भनक शमशाबाद थाना पुलिस लग गई शमसाबाद पुलिस जब तक मौके पहुचती तब तक प्रदर्शन कारी मौके से फरार हो गए थे हालांकि पुलोस कर्मियों की आमद देर तक रही सूत्रों की माने तो बताया गया है अधिकांश प्रदर्शनकारी मौके से फरार होने के बाद एक दलित के घर जा छिपे तो कुछ खेतों की तरफ भाग गए कुछ गांव से बाहर की ओर बताते हैं प्रदर्शन कारी सपाई ओर कार्यकर्ता किसान लग्जरी कारों से बाइको तथा बैल गाड़ियों पर सबार थे जो पैदल मार्च कर रहे थे कुछ सफाई बैल गाड़ियों के सहारे नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे इसी दौरान किसी ने पुलिस से आने की सूचना दी सूचना पाते ही प्रदर्शनकारी नौ दो ग्यारह हो गए बताते है जहां से पैदल मार्च निकाली जाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया था वहां कब्रिस्तान की जमीन थी जहां संदीप भर्तियों में आगे चल रही थी इस आदि लोग नाराजगी जताते हुए कह रहे थे कि आखिर आगजनी की घटना को किसने अंजाम दिया और किसके सहारे पर इस स्मम्बन्ध मे ऐशो शमसाबाद से जानकारी की गई तो प्रभारी थानाध्यक्ष शमसाबाद आरके रावत ने बताया इस प्रकरण की उन्हें कोई जानकारी नही।