कायमगंज
लाखों रूपए खर्च होने बाद भी राहगीरों व किसानों को नहीं कोई लाभ सामुदायिक शौचालय में पड़ा ताला,

 

शौचालयों की सीटे धसकी,गन्दगी का लगा अम्बार।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगरपालिका द्वारा कई शौचालयोें का निर्माण कराया गया है। जिससे राहगीरों व आस-पास के रहने वालों को खुले में शौच न जाना पड़े। महिलाओं युवतियों को आए दिन होनी वाली घटनाओं से भी बचाया जा सकें। अपनी सरहद के बाहर मंडी समिति गेट नम्बर एक व दो के बीच में नगरपालिका परिषद कायमगंज द्वारा एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। जिसका लोकार्पण एक फरवरी 2019 को हुआ। किन्तु पन्द्रह बीस दिन बाद ही सामुदायिक शौचालय में ताला लगा दिया गया। जिससे मंडी में आने-जाने वाले राहगीरों व आस-पास के दुकानदारों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है।
समुदायिक शौचालय के सामने रहने वाले दुकानदार सुभाष का कहना है कि लोकार्पण के पन्द्रह बीस दिन बाद ही शौचालय में ताला लगा दिया गया। ताला लगाने के पीछे नगरपालिका की क्यां मंशा है मेरी समझ में नहीं आ रही है।


मंडी गेट नम्बर दो के पास रहने वाले गोरेलाल सेनापति ने बताया कि सामुदायिक शौचालय बनाने में लाखों का घोटाला किया गया है। इसकी सीटे बैठ गई हैं। जिस कारण ताला डाल दिया गया। जिससे इसकी जानकारी किसी को न हो सकें।
वृद्ध महिला चन्दावती ने कहा कि यहां मंडी में सुबह से किसान व व्यापारी आने जाने लगते हैं। कई लोग अंधेरे में तो कई दिन के उजाले में नालियों में खड़े होकर लघुशंका करते हैं। शौचक्रिया के लिए आस-पास के खेतों की तरफ जाना पड़ता है जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह इस शौचालय निर्माण कार्य की जांच कराकर इसका ताला खुलवाएं जिससे राहगीरोें व किसानों व व्यापारियों को इसका लाभ मिल सकें। शौचालय में एक सफाईकर्मी की भी तैनाती की जाए।
जब इस सम्बन्ध में अधिशाषी अधिकारी सीमा तोमर से बात करनी चाहिए तो उनका मोबाइल नम्बर कवरेज एरिया के बाहर बता रहा था।

  km