मुजफ्फरनगर के बाद बागपत में किसानों की महापंचायत आज बुलाई गई है। इसके मद्देनजर भारी संख्‍या में किसान कई शहरों से पहुंचेेे। वे अपने साथ ट्रैक्‍टर-ट्रॉली और डीजे लेकर आए। वहीं किसानों के नेता पंचायत स्‍थल पर पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि किसानों उमड़े सैलाब के बीच पंचायत शुरू कर दी गई।

भाकियू के राजेंद्र चौधरी ने कहा कि आंदोलन को मजबूती के साथ लड़ना है। बड़ौत में चल रहे धरना को बलपूवर्क हटाने व राकेश टिकैत के आंसुओं का हिसाब लेने का ऐलान कर रहे वक्ता। आप पार्टी के सोमेंद्र ढाका ने कहा कि वह धरने मेें किसानो पर लाठीचार्ज की निंदा करते हैं, तीनों कानून प्रधानमंत्री ने पूंजीपतियों के हित में बनाए हैं। क्षेत्रीय सांसद के स्थान पर यदि जयंत चौधरी संसद में पहुंचते तो कानून पास नहीं होते। वक्‍ता बोले राकेश टिकैत ने हनुमान बनकर संजीवनी देने का काम किया। सबकुछ किसानों पर न्‍यौछावर कर दिया। बागपत में उठाया गया दूूसरे नंबर का धरना था। अब गाजीपुर धरना उठाने की कोशिश की जा रही है। हम इसे बंद नहीं होने देंगे।

महिला वक्‍ता ने कहा कि क्‍या हम यहां नेता बनने नहीं आए हैं क्‍या आपका खून नहीं खौलता। अब सरकार की तानाशाही नहीं चलने देंगे। चौधरी चरण सिंह कहते थे अपमान और एहसान न भूलो। भाजपा ने एहसान नहीं किया बल्कि अपमान किया। बागपत और गाजीपुर में जो हुआ वह चौधरी चरण सिंह की विरासत पर हमला है। चौधरी हरिपाल सिंह ने कहा कि इतीन भीड़ देखकर मुझे खुशी हो रही है। बागपत में जो हुआ जलीयावाला बाग से कम नहीं हुआ। नीलू ने कहा कि भाजपा ने गुडां नीति अपनाई है।