75 साल की उम्र के बाद क्यों, मरणोपरांत टैक्स न देने की छूट देना चाहिए था मोदीजी को!

वाट्सअप पर किसी ने भेजा है। अगर ये सही है तो फेंकू सबसे बड़ा पप्पू है भाई…

75 साल के ऊपर बुजुर्गों को टैक्स नहीं देना होगा; यह मरणोपरांत कर देते तो बहुत पुण्य मिलता; 58 साल में रिटायरमेंट 75 में छूट? क्या मूर्ख बनाया है … क्रूर सरकार.

छूट या मजाक
कोई छूट नहीं। केवल रिटर्न दाखिल करने से छूट होगी। बैंक काट लेगा ।

सरकारें देश की जनता का कैसे ख़्याल रखती हैं। इसका नमूना देखिए। साल 2013 में जब रिटायर हुआ तब कहा गया कि 58 की उम्र में अवकाश दे देना चाहिए। क्योंकि तब तक व्यक्ति अक्षम हो जाता है। किंतु ट्रेन किराये में सीनियर सिटीज़न की छूट पाने के लिए दो वर्ष इंतज़ार करना पड़ा। लेकिन 60 आते-आते मैंने ट्रेन यात्रा ही त्याग दी।

बुजुर्गों को सिर्फ ठेंगा
अभी दुदवा नेशनल पार्क से इसलिए लौटा दिया गया क्योंकि उनका नियम है कि कोरोना को देखते हुए 60 के ऊपर वालों को बुजुर्ग होने के नाते प्रवेश नहीं मिलेगा। आज जब बजट से राहत की उम्मीद थी, तब निर्मला बहन जी ने कहा कि आय कर में छूट पाने के लिए दस साल और इंतज़ार करें। सरकारें कोई भी हों, आम जन से राजनेता सिर्फ़ वोट लेते हैं, देते हैं ठेंगा!

यूँ भी आएगा तो मोदी ही!!!