1- मेकइन इंडिया कार्यक्रम के तहत इसने लखनऊ में तत्कालीन राज्यपाल रामनाईक व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ फर्जी फोटो एडिटिंग कराकर अखबारों साया कराया|

2- अधिकारियों से सांठ-गांठके चलते इसके कुकर्मों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जबकि उल्टे संत व साध्वी को जेल जाना पड़ा था। 

कायमगंज
नगर का एक एनजीओ संचालक राजनीति में गहरी पैठ रखने वाला तथाकथित नेत्र चिकित्सक अपनी करतूतो के चलते एक बार फिर चर्चाओं में है। यह चिकित्सक नामीग्रामी राजनेताओं के साथ फोटो खिचवांकर भोलेभाले लोगों को गुमराह कर इलाज के नाम धन वसूली करता आ रहा है। जिसके चलते इसने करोड़ों रूपए सम्पत्ति अर्जित कर ली है।


इस तथाकथित चिकित्सक का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें यह अपने अस्पताल के केबिन में एक युवक के साथ समलैंगिक सम्बन्ध बना रहा है। लगभग चार-पांच मिनट के इस वीडियो में इस तथा कथित चिकित्सक ने मानवता की सारी हदें पार कर दी हैं। सोशल मीडिया यूजर इसे बुरी तरह ट्रोल कर रहे हैं।

आपको बताते चलें कि इस तथाकथित चिकित्सक ने गत वर्ष हाथी वाली देवी मंदिर के पुजारियों को भी वीडियों के माध्यम से ब्लेकमेल किया था। ऊंची राजनीतिक पहुंच और प्रशासनिक अधिकारियों से सांठ-गांठके चलते इसके कुकर्मों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जबकि उल्टे संत व साध्वी को जेल जाना पड़ा था।

आपको यह भी बता दें कि लगभग दो वर्ष पूर्व प्रदेश सरकार द्वारा मेकइन इंडिया कार्यक्रम के तहत इसने लखनऊ में तत्कालीन राज्यपाल रामनाईक व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ फर्जी फोटो एडिटिंग कराकर अखबारों साया कराया था। तब इसने इन फोटो के माध्यम से बहुत लोगों को गुमराह कर अपनी धौंस जमाते हुए रूपया कमाने में कोई कमी नहीं रखी थी। इसके अलावा नेत्रकैम्प लगाने के बहाने यह तथाकथित चिकित्सक जेलरो,प्रशासनिक अधिकारियों,विधायकों आदि के साथ फोटो खिचवांकर अपने आपको महिमा मंडित करने से बाज नहीं आता है। जो भी हो यह तथा कथित चिकित्सक अपने कुकर्मों को चलते एक बार फिर चर्चाओं के घेरे में है।

वहीं क्षेत्राअधिकारी राजवीर सिंह गौर ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया ।