ड्यूटी पर होने के बाद भी डॉक्टर रूम पर आराम करते है।

मरीजों के साथ मारपीट कर इंसानियत का भी गला घोंट रहे डॉक्टर,

कायमगंज/ फर्रुखाबाद
डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज के डॉक्टर रक्षक के रूप में लापरवाह बन चुके है। जिसका जीता जागता उदाहरण आज यहां देखने को मिला। अपने बच्चे का इलाज कराने अस्पताल आए तीमारदार के तथा डॉक्टर के बीच तीखी नोकझोंक के साथ मारपीट हो गई। डॉक्टर ने सोने की चैन तोड़ने का आरोप लगाया। पीड़ित मरीज डॉक्टर से इलाज करने की बात कहते हुए गुहार लगाता रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करते हुए मरीज को लोहिया अस्पताल के लिए रेफर करवा दिया ।
मामला जब थाना कंपिल क्षेत्र के गांव बरखेड़ा निवासी शिवप्रताप सिंह अपने 7 वर्षीय पुत्र शिवांश को लेकर कायमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। मरीज के पिता के अनुसार उसका बेटा डायरिया पीडित है। अस्पताल पहुंचने पर बेटे को बेड पर लिटा दिया। डॉक्टर के बारे में पूछा, तो ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट अजय पाल ने यह कहते हुए कि डॉक्टर शिवप्रकाश अपने कमरे पर हैं। वही जाकर दिखा दो, इस पर डॉक्टर के कमरे पर पहुंचा और डॉक्टर से अपने बच्चे को देखने की बात कही इस पर डॉक्टर ने कमरे से ही दवा का पर्चा लिखकर बिना देखे ही दवा लाकर खिलाने को कहा। इसके बाद पिता ने मेडिकल स्टोर से दवा लाकर अपने बच्चे को खिलाई। थोड़ी देर के बाद बच्चे को उल्टी होना शुरू हो गई। इस पर पिता ने डॉक्टर को बुलाने की पुनः बात कही, इस पर वहां मौजूद कर्मचारी ने कहा कि डॉक्टर कमरे पर हैं। उन्हें आप खुद बुला लाइए। पीड़ित पिता दौड़ता हुआ डॉक्टर के कमरे पर पहुंचा और डॉक्टर से गिड़गिड़ाते हुए अपने बच्चे को देखने की बात कही। इस पर पहले तो डाक्टर ने मना किया ज्यादा कहने पर डाक्टर आपे से बाहर हो गये। थोड़ी देर बाद जब डॉक्टर अस्पताल पहुंचा तो मरीज को देखते ही आग बबूला हो गया। तीमारदार व डॉक्टर के बीच काफी नोकझोंक हुई। इसी बीच किसी तरह डॉक्टर की सोने की चैन टूट गई। जिसको लेकर डॉक्टर ने तीमारदार पर मारपीट करने व चैन तोड़ने का आरोप लगाया। इसके बाद बताया गया कि इमरजेंसी का कमरा बंद करके डॉक्टर व वहां मौजूद कर्मचारियों ने पीडित व तीमारदार के साथ मारपीट कर दी। घटना की सूचना कस्बा चौकी पर दी गई । मौके पर पहुंचे सिटी इंचार्ज अशोक कुमार ने मामले को शांत कराया और मरीज को लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद के लिए रेफर कर आया।