कमालगंज

कोरोना महामारी में सीएचसी के कर्मचारियों का मुफ्त में सहयोग कर रहे डी-फार्मा के छात्र की इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।

कमालगंज कस्बा के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी डी-फार्मा के छात्र पुनीत चौरसिया (27) को सांस लेने में परेशानी होने पर 1 मई को सीएचसी में स्थापित एल-2 अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोविड जांच में  पाॅजिटिव पाये गए थे। चार मई को हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें लखनऊ स्थित एक अस्पताल में ले गए। वहां वह वेंटिलेटर पर थे। शुक्रवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया गया कि फेफड़ों में संक्रमण फैलने से उसकी मौत हुई है। मौत की सूचना से कस्बा में मातम छा गया। पुनीत डी-फार्मा की पढ़ाई कर रहे थे। उसने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में छह महीने तक इंटर्नशिप की थी। कोरोना संक्रमण तेजी से फैला तो अस्पताल में स्टाफ की कमी हो गई। इंटर्नशिप खत्म होने के बाद भी पुनीत अस्पताल में कर्मचारियों का सहयोग करने के लिए रोजाना समय से अस्पताल पहुंच जाते थे। बीमार होने से पहले पुनीत अस्पताल में कोरोना की जांच करते थे। पुनीत के बड़े भाई थाने के निकट मेडिकल स्टोर चलाते हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि पुनीत कोरोना वारियर्स थे। सीएचसी में एल-2 अस्पताल के शुरू होने पर भी वह मौजूद था। तभी लोगों ने उसके काम की सराहाना की थी।